जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ की जीवनी | DY Biography Biography in Hindi | D.Y. Chandrachud family, wife, networth, children,

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Dy chandrachud Biography in hindi : 

आज हम बात करने वाले भारत के सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ जी के जीवन के बारे में आज के इस आर्टिकल में आपको पूर्ण रूप से डीवाई चंद्रचूड़ के बारे में जानकारी देने वाले हैं तो इस आर्टिकल को पूरा पड़े –

D.Y. chandrachud Biography 


डी.वाई. चंद्रचूड़ जी का प्रारंभिक जीवन :

धनजय यशवंत चंद्रचूड़ (D.Y. Chandrachud) का जन्म 11 नवंबर 1959 में प्रतिष्ठित देशस्थ ऋग्वेद ब्राह्मण परिवार में हुआ, उनके पिता यशवंत विष्णु चंद्रचूड़ भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक न्यायालय में सेवा देने वाले मुख्य न्यायधीश रहे हैं, जबकि उनकी मां शास्त्रीय संगीतकार थी।


DY Chandrachud Details :

डी.वाई. चंद्रचूड़ का नाम (DY chandrachud full name)   Dhananjaya Yeshwant Chandrachud
डी.वाई. चंद्रचूड़ जन्म (DY chandrachud Date of Birth) 11 नवम्बर 1959
डी.वाई. चंद्रचूड़ के पिता का नाम (DY chandrachud Father name)  यशवंत विष्णु चंद्रचूड़
डी.वाई. चंद्रचूड़ के माता का नाम (DY chandrachud Mother name)    प्रभा चंद्रचूड़
डी.वाई. चंद्रचूड़ के पत्नी का नाम (DY chandrachud Spouse) कल्पना दास  
डी.वाई. चंद्रचूड़ शिक्षा (DY chandrachud Education) 
  • University of Delhi (BA, LLB)
  • Harvard University (LLM, SJD

 

डी.वाई. चंद्रचूड़  बच्चे (DY chandrachud Children’s)  अभय और चिंतन  

डी.वाई. चंद्रचूड़ जी की शिक्षा (D.Y. Chandrachud Education)  

Cathedral and John Conan School Mumbai और St. Columbus School Delhi में शिक्षा पूर्ण करने के बाद उन्होंने St. Stephen’s College Delhi से अर्थशास्त्र गणित में ऑनर्स के साथ स्नातक की उपाधि प्राप्त की, उन्होंने स्नातक शिक्षा प्राप्त करने वाले भारतीय नागरिकों को दी जाने वाली प्रतिष्ठित इन क्लास छात्रवृत्ति पर अध्ययन किया।

धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ ने दिल्ली विश्वविद्यालय में LLB की Degree को पूरा किया, उसके बाद उन्होंने प्रतिष्ठित इन क्लास छात्रवृत्ति प्राप्त करने के बाद Howard University में अध्ययन किया, हावर्ड में उन्होंने कानून में ऐड और न्यायिक विज्ञान में डायरेक्टर एसजीडी पूरा किया।


डी.वाई. चंद्रचूड़ कार्य :

Allahabad High Court के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और Bombay High Court के पूर्व न्यायाधीश के रूप में कार्यरत रह चुके हैं, वर्तमान में Supreme Court Judge है, और अब नवंबर 2022 में डी. वाई. चंद्रचूड़ भारत के मुख्य न्यायाधीश चीफ जस्टिस (Chief Justice of India Chief Justice) के रूप में कार्यभार संभालेंगे।


डी.वाई. चंद्रचूड़ जी के बारे में महत्वपूर्ण बातें (Important things about D. Y. Chandrachud ) : 

  • 1979 में सेंट स्टीफन कॉलेज दिल्ली से स्नातक की उपाधि प्राप्त की 1982 में दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी 1983 में हावर्ड विश्वविद्यालय से एलएलबी और 1986 में हावर्ड से डॉक्टर आफ जूरिडिकल साइंसेज पूरा किया।
  • भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में नियुक्त 1998 में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में मनोनीत रहे है।
  • जनहित याचिका बंधुओं महिला कामगारों के अधिकार ठेका श्रम और धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यकों के अधिकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों में पेश हुए ।
  • यूएसए में इंटरनेशनल लॉ पढ़ाया और विजिटिंग प्रोफेसर थे।


जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ का करियर (Career of Justice DY Chandrachud) :

डीवाई चंद्रचूड़ ने कुछ समय के लिए वकील और न्यायाधीशों की सहायता करने वाले कनिष्ठ अधिवक्ता के रूप में शुरुआती तौर पर काम किया, जिसमें फली नरीमन के लिए कुछ संक्षिप्त विवरण तैयार करना शामिल था। विदेश जाकर हावर्ड से स्नातक करने के बाद चंद्रचूर ने सबसे पहले फर्म सुलीवन और क्रॉमवेल में काम किया भारत लौटने पर उन्होंने भारत के सर्वोच्च न्यायालय और मुंबई उच्च न्यायालय में कानून का अभ्यास किया। 

उन्हें जून 1998 में मुंबई हाई कोर्ट द्वारा एक वरिष्ठ अधिवक्ता नामित किया गया था, उस वर्षों में भारत का एक अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (Solicitor General) नियुक्त किया गया था, इलाहाबाद से उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त होने तक मुंबई उच्च न्यायालय में वह न्यायाधीश बने, इस दौरान महाराष्ट्र न्यायिक अकादमी (Maharashtra Judicial Academy) के निदेशक भी रहे।

वह भारत के सर्वोच्च न्यायालय के कॉलेजों का हिस्सा बन गए जो सर्वोच्च न्यायालय के पांच वरिष्ठता न्यायालयों से मिलकर बना, एक निकाय जस्टिस चंद्रचूड़ जी मुंबई विश्वविद्यालय और संयुक्त राज्य अमेरिका में उनका हावर्ड यूनिवर्सिटी स्कूल आफ लॉ (Howard University School of Law) में तुलनात्मक संवैधानिक कानून के विजिटिंग प्रोफेसर भी रह चुके है।


डी.वाई. चंद्रचूड़ कहां-कहां दे चुके हैं सेवाएं :

मुंबई हाई कोर्ट के जज बनने से पहले हुए सुप्रीम कोर्ट ऑफ गुजरात, कोलकाता, इलाहाबाद, मध्य प्रदेश और दिल्ली के उच्च न्यायालयों में एक वकील के तौर पर प्रैक्टिस की है।

1998 में उन्हें बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा सीनियर एडवोकेट के रूप में नामित किया गया था, एक वकील के रूप में चंद्रचूर जी के सबसे महत्वपूर्ण केसेस में संवैधानिक और प्रशासनिक कानून एचआईवी मरीजों के अधिकार धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यक अधिकार आश्रम और औद्योगिक कानून शामिल है।


50 वे जस्टिस के रूप में लेंगे शपथ डी.वाई. चंद्रचूड़ :

जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ नवंबर 2012 से भारत के 50 में मुख्य न्यायाधीश के रूप में काम करेंगे, वह भारत के स्कूल गई और सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति बाय भी चंद्रचूर के पुत्र हैं, इससे पहले भी वह कई बार न्यायाधीश के रूप में और वकील के रूप में काम कर चुके हैं घर 2 साल तक इस पद पर रहेंगे इस पद पर उनके पिता भी रह चुके हैं।


डी.वाई. चंद्रचूड़ के बड़े फैसले :

1. चंद्रचूड़ ने नवतेज जोहर बनाम भारत संघ में एक अलग सहमति राय की जिसने भारतीय दंड संहिता की धारा 370 को गैर अपराधी बना दिया, धारा 377 को एक अकालवादी उपनिवेश कानून के रूप में माना उन्होंने कहा कि इससे केवल एलजीबीटी व्यक्तियों को उनके संवैधानिक अधिकारों की गारंटी देने के पहले कदम के रूप में देखा जा सकता है।

2. शफीन जहान बनाम अशोका के एम हादिया के धर्म और विवाह साथी की पसंद को बरकरार रखा, हादिया ने इस्लाम धर्म अपना लिया था और याचिकाकर्ता शफीन जहां से शादी करी थी, जिस पर उसके पिता ने आरोप लगाया था कि उसका ब्रेनवाश किया गया है। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने दोहराया कि वह विवाह या धर्मों में निर्णय लेने का एक व्यस्क का अधिकार उसकी निजता का क्षेत्र में आता है।

3. भीमा कोरेगांव में कथित रूप से हिंसा भड़काने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपराधिक साजिश में भाग लेने के लिए पांच मानव अधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के संबंध में रोमिला थापर बनाम भारत संघ में चंद्रचूर ने असहमति जताई थी।

4. Indian Young Lawyers Association बनाम केरल राज्य में चंद्रचूड़ जी ने माना कि सबरीमाला मंदिर से 10 से 50 वर्ष की आयु के बीच की महिलाओं को बाहर करना संवैधानिक नैतिकता का उल्लंघन है, उन्होंने कहा कि इससे उनकी स्वतंत्रता और गरिमा को नष्ट कर दिया है।


5. राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार बनाम भारत संघ में अपनी सहमति में चंद्रचूड़ जी ने कहा कि उपराज्यपाल दिल्ली के कार्यकारी प्रमुख नहीं है, क्योंकि प्रतिनिधि लोकतंत्र कार्यपालिका के अनिवार्य विशेषता है, इसलिए इसका नेतृत्व मुख्यमंत्री और मंत्री परिषद द्वारा किया जाना चाहिए।

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