35+ Independence Day Best Hindi Shayari 2022 | स्वतंत्रता दिवस शायरी 2022 | देश भक्ति शायरी 2022 |

 15 August Shayari 

आप सभी को Topkhaba89 Team की तरफ से 75वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक हार्दिक शुभकामनाये,  
आज हम आपके साथ शेयर कर रहे हैं, हैप्पी 75 स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) शायरी हिंदी में,
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स्वतंत्रता दिवस शायरी 2022



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(1).

कांटों में भी फूल खिलाए, 
इस धरती को स्वर्ग बनाए |
आओ सबक गले लगाए,
हम स्वतंत्रता का पर्व मनाए ||


(2).

चलो फिर से वह नजारा याद कर ले,
 शहीदों के दिल में थी वह ज्वाला याद कर ले | 
जिसमें वह कर आजादी पहुंची थी किनारे, 
पर देशभक्तों के खून की वह धारा याद कर ले ||


(3).

जश्न आजादी का मुबारक हो देश वालों को,
फंदे से मोहब्बत की हम वतन के मतवालों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं |


(4).

कुछ हाथ से उसके फिसल गया, 
वह पलक झपक कर निकल गया, 
फिर लाश बिछ गई लाखों की,
सब पलक झपकते बदल गया ,
जब रिश्ता राख में बदल गया ,
इंसानों का दिल भी दहल गया ,
मैं पूछ पूछ कर हार गया ,
क्यों मेरा भारत बदल गया |



(5).

I = इंटेलिजेंट 
N = नेशन 
D = डेवलपिंग 
I = इन 
A = ऑल फील्ड्स


(6).

फांसी का फंदा भी फूलों से कम ना था ,
वह भी डूब सकते थे इश्क में किसी के, 
पर वतन का प्यार माशूका के प्यार से कम ना था |
स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ||


(7).

यह जमीन सब की है यह आसमान सभी का है, 
प्यारा देश फूले फले यह अरमान सभी का है | 
इस मिट्टी को सब ने खून पसीने से सींचा है ,
किसी एक का नहीं है हिंदुस्तान सभी का है ||


(8).

भारत की पहचान हो तुम, 
जम्मू की जान हो तुम ,
सरहद का अरमान हो तुम , 
दिल्ली का दिल हो तुम , 
और भारत की शान हो तुम ||


(9).

मैं मुस्लिम हूं तू हिंदू है , 
है दोनों इंसान ,
ला में तेरी गीता पढ़ लूं ,
तू पढ़ ले कुरान ,
अपने तो दिल में है दोस्त ,
बस एक ही अरमान ,
एक थाली में खाना खाए , 
सारा हिंदुस्तान ||


(10).

आज मुझे फिर इस बात का गुमान हो,
 मस्जिद में भजन मंदिरों में अजान हो,
 खून का रंग फिर एक जैसा हो, 
तुम मनाओ दिवाली मेरे घर रमजान हो ||


(11).

एक सैनिक ने क्या खूब कहा है-

किसी गजरे की खुशबु को महकता छोड़ आया हूं, 
मेरी नन्ही सी चिड़िया को चहकता छोड़ आया हूं, 
मुझे छाती से अपनी तू लगा लेना ए भारत माँ,  
मैं अपनी मां की बाहों को तरसता छोड़ आया हूं || 
जय हिंद


(12).

खुश नसीब है वह जो वतन पर मिट जाते हैं , 
मर कर भी वह लोग अमर हो जाते हैं , 
करता हूं उन्हें सलाम ए वतन पर मिटने वालों तुम्हारी सास में तिरंगो का नसीब बसता है ||


(13).

फिर उड़ गई नींद मेरी यह सोच कर , 
के जो शहीदों का बहा वो खून मेरी नींदों के लिए थे ,


(14).

मेरे मुल्क की हिफाजत ही मेरा फर्ज है, 
और मेरा मुल्क ही मेरी जान है |
इस पर कुर्बान है मेरा सब कुछ, 
नहीं इससे बढ़कर मुझको अपनी जान है ||


(15).

वतन हमारा ऐसे ना छोड़ पाए कोई, 
रिश्ता हमारा ऐसे ना छोड़ पाए कोई | 
दिल हमारे एक है एक ही हमारी जान ,
हिंदुस्तान हमारा है हम इसकी है शान ||


(16).

आजादी की कभी शाम ना होने देंगे, 
शहीदों की कुर्बानी बदनाम ना होने देंगे | 
बची है लोगों की एक बूंद भी रगो में ,
तब तक भारत माता का आंचल नीलाम ना होने देंगे ||


(17).

दे सलामी इस तिरंगे को जिससे तेरी शान है, 
सर हमेशा ऊंचा रखना इसका, जब तक दिल में जान है ||


(18).

लिख रहा हूं मैं अंजाम जिसका, कल आगाज आएगा |
मेरे हर एक लहू का कतरा, इंकलाब लाएगा ||
मैं रहूं या ना रहूं पर यह वादा है तुमसे मेरा कि, 
मेरे बाद वतन पर मरने वालों का सैलाब आयेगा |||


(19).

नजारे नजर से यह कहने लगे, 
नयन से बड़ी कोई चीज नहीं |
तभी मेरे दिल ने आवाज दी,
 वतन से बड़ी कोई चीज नहीं ||


(20).

वतन हमारा शान ए जिंदगी ,
वतन परस्ती है वफा ए जमी |
देश के लिए मर मिटना कबूल है हमें ,
अखंड भारत के सपनों का जुनून है हमें |


(21).

जिसका ताज हिमालय है, 
जहां बहती गंगा है |
यहां अनेकता में एकता है,  
सत्यमेव जयते जहाँ नारा है, वह भारत देश हमारा है ||


(22).

खुशनसीब है जो वतन पर मिट जाते हैं, 
मर कर भी वो लोग अमर हो जाते हैं, 
करता हूं उन्हें सलाम ए वतन पर मिटने वालों, 
तुम्हारी हर सांस में तिरंगे का नसीब बसता है ||


(23).

आओ देश का सम्मान करें, 
शहीदों की शहादत याद करें,
 एक बार फिर से राष्ट्र की कमान हम हिंदुस्तानी अपने हाथ धरे, 
आओ स्वतंत्रता दिवस का मान करें||


(24).

फांसी चढ़ गए और सीने पर गोली खाई, 
हम उन शहीदों को प्रणाम करते हैं, 
जो मिट गए देश पर हम उनको सलाम करते हैं |
स्वतंत्रता दिवस मुबारक हो…


(25).

देशभक्तों से ही देश की शान है, 
देश भक्तों से ही देश का मान है | 
हम उस देश के फूल है यारो, 
जिस देश का नाम हिंदुस्तान हैं |


(26).

खूब बहती है अमन की गंगा बहने दो, 
मत फैलाओ देश में दंगा, रहने दो, 
लाल हरे रंग में मत बांटो हमको, 
मेरी छत पर एक तिरंगा रहने दो |


(27).

दिल में चाहे जितनी आरजू हो,
सब छोटी मेरे देश के आगे |
इस तिरंगे पर मेरी जान भी कुर्बान ,
यह विश्व में है सदा सबसे आगे |


(28).

दिल में जुनून, आंखों में देशभक्ति की चमक रखता हूं |
दुश्मन की जान निकल जाए, आवाज में इतना दम रखता हूं ||


(29).

फांसी का फंदा भी फूलों से कम ना था, 
वह भी डूब सकते थे इश्क में किसी के , 
पर वतन उनके लिए माशूका के प्यार से भी कम ना था ||


(30).

संस्कार और संस्कृति की शान मिले ऐसे ,
हिंदू-मुस्लिम और हिंदुस्तान मिले ऐसे | 
हम मिल जुल कर रहे ऐसे, 
की मंदिर में अल्लाह और मस्जिद में राम बसे जैसे ||


(31).

दोस्ताना इतना बरकरार रखो, 
कि मजहब बीच में ना आए कभी |
तुम उसे मंदिर तक छोड़ दो, 
वह तुम्हें मस्जिद तक छोड़ आए कभी ||


(32).

अधिकार मिलते नहीं, लिए जाते हैं ,
आजाद मगर गुलामी किए जाते हैं, 
वंदन करो उन सेनानियों को ,
जो मौत को आंचल में लिए जाते है |


(33).

वक्त आ गया है, दुनिया को साफ-साफ कहना होगा, 
देश प्रेम की प्रबल धार में हरमन को बहना होगा, 
जिसे तिरंगा लगे प्यार मेरा देश छोड़ जाए हिंदुस्तान में हिंदुस्तानी बनकर ही रहना होगा,


(34).

वतन हमारा ऐसे ना छोड़ पाए कोई,
रिश्ता हमारा ऐसे ना तोड़ पाए कोई, 
दिल हमारे एक है एक ही हमारी जान, 
हिंदुस्तान हमारा है हम इसकी शान ||


(35).

आज शहीदों ने है हमको पहले वतन ललकारा, 
तोड़ो गुलामी की जंजीरें बरसाओ अंगारा ,
हिंदू मुस्लिम सिख हमारा भाई-भाई प्यारा, 
यह है आजादी का झंडा इसे सलाम हमारा ||


(36).

मैं जला हुआ राख नहीं, अमरदीप हूं |
जो मिट गया वतन पर, मैं वह शहीद हूं,

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